मंदिर बड़ो महान रे,
मंदिर बनो महान रे,
एक रात में कैसो बनो है,
जाने अब भगवान रे।।
सिवनी जिला ग्राम आष्टा,
माता का दरबार रे,
काली मैया बैठी यहाँ पर,
करें सबका कल्याण रे।।
माता के मंदिर में देखो,
भक्त खड़े अपार रे,
जो माँगत मैया से,
मैया सुनतीं सबकी पुकार रे।।
चैत्र मास नवरात्रे,
माँ के मेला लगत विशाल रे,
मैया के दर्शन को देखो,
आते नर और नारी रे।।
आष्टा वाली काली,
सुमरू चरण पड़ा तेरे आज रे,
भूल-चूक माफ करियो माँ,
रखियो मेरी लाज रे।।
मंदिर बड़ो महान रे,
मंदिर बनों महान रे,
एक रात में कैसो बनो है,
जाने अब भगवान रे।।
लेखक / गायक / प्रेषक – सुजीत सिंह बघेल।
जिला सिवनी, मध्य प्रदेश।








