माँ नवधा ना रूपला,
धरिया रे माँ अम्बिका।
तारिणी तू दुख हारिणी माई,
अष्टभुजा भुज वाली माँ,
अम्बा दुर्गा शेरावाली,
काली खप्पर वाली माँ,
मेहरा वाली जोता वाली,
कष्ट निवारिणी आओ माँ,
आखा जन की तू रखवाली,
मंगल करनी आओ माँ।।
माँ नवधा ना रूपला,
धरिया रे माँ अम्बिका,
धार्या भगता ना खातिर माँ,
है धारिया देवी अम्बिका।।
पहला जो रूपला,
शैलपुत्री में आई माँ,
बीजो ब्रह्मचारिणी माँ,
है धार्रिया देवी कालिका,
मां नवधा ना रूपला,
धारिया रे माँ अंबिका।।
तीजो जो रूपला,
चंद्रघंटा में आई माँ,
दिवसे कूष्मांडा चौथो माँ,
हे धार्रिया देवी कालिका,
मां नवधा ना रूपला,
धारिया रे माँ अंबिका।।
पाँचवा जो दिवसे,
स्कंदमाता में आई माँ,
हे. छटो कात्यायनी प्यारो नाम,
हे धारिया देवी कालिका,
मां नवधा ना रूपला,
धारिया रे माँ अंबिका।।
कालरात्रि माँ सातवा,
दिवस में आई माँ,
आठवो महागौरी में माँ,
हे धारिया देवी कालिका,
मां नवधा ना रूपला,
धारिया रे माँ अंबिका।।
सिद्धिदात्री माँ नव्वा,
दिवस में आई माँ,
दिया दुनिया में दर्शन माँ,
हे धारिया देवी कालिका,
मां नवधा ना रूपला,
धारिया रे माँ अंबिका।।
Singer – Shivaji Patil
Ph. – 8819041006
Writer – Saligram Ji Patil








