प्रभु मेरे आँगन में आना कभी,
हो जो निकलना मेरी गली से कभी।।
पूजा करूँगा तेरी आरती उतारूंगा,
सूरत को तेरी फिर मैं हरदम निहारूँगा,
आँसुओ से दाता तेरे चरण पखारूँगा,
बस जाओ दाता मेरे मन मे यदि,
प्रभू मेरे आंगन में आना कभी,
हो जो निकलना मेरी गली से कभी।।
मंदिर को तेरे नित सजाता रहूँगा,
तेरी रज़ा में जीवन बिताता रहूँगा,
दर पे तुम्हारे झाडू लगाता रहूँगा,
जाना न फिर मुझे छोड़के कभी,
प्रभू मेरे आंगन में आना कभी,
हो जो निकलना मेरी गली से कभी।।
चरण प्रभू रख दो घर तुम हमारे,
मिट जाएंगे दाता सभी अँधियारे,
कर दो करम प्रभू दीनों के सहारे,
तन ये छूटे पर दर छूटे न कभी,
प्रभू मेरे आंगन में आना कभी,
हो जो निकलना मेरी गली से कभी।।
प्रभु मेरे आँगन में आना कभी,
हो जो निकलना मेरी गली से कभी।।
Singer – Shri Radhegagan Sharma
Lyricist – Shri Shiv Narayan Verma Ji







