कैसे करूँ दीदार सांवरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे,
तेरे दर पे है भीड़,
अपार सावरे,
कैसे करू दीदार सावरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे।।
तर्ज – पलकों का घर तैयार सांवरे।
घंटो की मेहनत पे बाबा,
मेरी बारी आयी,
पलक झपकते भीड़ मुझे,
मंदिर से बाहर लायी,
अधूरा ही रह गया,
दीदार सावरे,
अधूरा ही रह गया,
दीदार सावरे,
कैसे करू दीदार सावरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे।।
अँखियो की तो प्यास बुझी ना,
दिल की क्या मैं बताऊ,
कितना कुछ कहना था तुमको,
किसको अब मैं सुनाऊ,
मैं पाना चाहता हुँ,
तेरा प्यार सावरे,
मैं पाना चाहता हुँ,
तेरा प्यार सावरे,
कैसे करू दीदार सावरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे।।
तेरी कृपा से बाबा मैं तो,
खाटू नगरी आया,
अर्जी तुमसे इतनी बाबा,
मिलन करो अब ज्यादा,
थोड़ी फुर्सत से मिल लो,
‘नवीन’ सावरे,
थोड़ी फुर्सत से मिल लो,
‘नवीन’ सावरे,
कैसे करू दीदार सावरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे।।
कैसे करूँ दीदार सांवरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे,
तेरे दर पे है भीड़,
अपार सावरे,
कैसे करू दीदार सावरे,
तेरा कैसे करू दीदार सावरे।।
गायक / लेखक – नवीन सरावगी।
8340381525








