गढ़ गिरनार हमें प्राणों से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा,
स्वर्ग से सुन्दर लगता,
यहाँ का नजारा,
गढ गिरनार है प्राणो से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा।।
तर्ज – झिलमिल सितारों का।
श्रावण सुद पंचमी की,
मंगल बेला आई है,
नेम प्रभु का जन्म कल्याणक,
ढोल बजे शहनाई है,
भक्ति रस धारा में,
डूबा जग सारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा,
गढ गिरनार है प्राणो से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा।।
बादलो से बाते करता,
ऊँचा गढ़ गिरनार है,
नेमिनाथ प्रभु यहाँ विराजे,
राजुल रा भरतार है,
पर्वत के ऊपर प्रभु का,
मंदिर है प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा,
गढ गिरनार है प्राणो से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा।।
रोज हजारों भक्त है आते,
नेमि नाथ के द्वारे,
करके यात्रा गिरनार की,
बोल रहे जयकारे,
चारो तरफ जहाँ,
खुशियों का पहारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा,
गढ गिरनार है प्राणो से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा।।
गढ़ गिरनार हमें प्राणों से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा,
स्वर्ग से सुन्दर लगता,
यहाँ का नजारा,
गढ गिरनार है प्राणो से प्यारा,
नेमि नाथ दादा को वंदन हमारा।।
गायक – ऋषभ सेठिया अहमदाबाद।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा जक्शन म.प्र.
मो. 9907023365








