नखत बन्ना सा की आरती,
ओम जय कानू के लाला,
सिद्ध जय कानु के लाला,
भक्त पुकारे आओ,
गांव चारण वाला,
ओम जय कानु के लाला।।
अग्नि वंश निज साख सोलंकी,
आलसी सुत वाला,
श्वेत तूरन निज ऊपर,
आप घूमण वाला,
ओम जय कानू के लाला।।
कुंवर कान सुत आप कहिजो,
धांधल के लाला,
थारे नाथ निरंजन संग में,
भक्तो के रखवाला,
ओम जय कानू के लाला।।
तेज तपस्वी बाबो,
उनकी फेरो माला,
जुग मे आय प्रगटिया,
ईछा पुरण वाला,
ओम जय कानू के लाला।।
सेन सूता पर कृपा कीनी,
सुत बचावण वाला,
ओ खद अखाड़े सु लाया,
पाया अमृत प्याला,
ओम जय कानू के लाला।।
सिद्ध सोलंकी री आरती,
गाय सुणावण वाला,
विप्र सोहन री अर्जी,
आप उबारण वाला,
ओम जय कानू के लाला।।
ओम जय कानू के लाला,
सिद्ध जय कानु के लाला,
भक्त पुकारे आओ,
गांव चारण वाला,
ओम जय कानु के लाला।।
गायक – संपत उपाध्याय।
प्रेषक – चूनाराम सुथार।
ग्राम तांतवास।
9904075525








