चाल पाबूजी रे चाल रे,
कोलुमंड चाला,
चाल कोलू दरबार रे,
आपा बेगा चाला।।
कलयुग रा है देव बाबो,
भगत हितकारी है,
एतो सब रा तारणहार रे,
आपा बेगा चाला।।
लक्ष्मण रा अवतारी देवा,
केसर री असवारी है,
आने माने सब संसार रे,
आपा बेगा चाला।।
सुगन चिड़ी बन आई देवल,
देवल कोल निभाया,
अपनी भी सुनेला पुकार रे,
आपा बेगा चाला।।
उदमी बाघेला जावे,
पाबू री लीला जी,
पाबूजी करे बेड़ा पार रे,
आपा बेगा चाला।।
चाल पाबूजी रे चाल रे,
कोलुमंड चाला,
चाल कोलू दरबार रे,
आपा बेगा चाला।।
गायक – उदमी बाघेला।
8094273572








