किनारे मेरी नैया,
लगा दे ओ कन्हैया,
नित जपूँ तेरा नाम,
आजा नरसी के श्याम,
कोई तुझसा ना और खिवैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया।।
तर्ज – वफा ना रास आई।
तेरे मित्र सुदामा की भांति
मैं भी हूँ गमों से चूर बड़ा,
क्या मुंह से कहूं तुझे सब है पता,
बलहीन हूँ मैं मजबूर बड़ा,
सूखे खुशियों के फूल,
बिछे राहों में शूल,
मेरी दुःख की कतारों पे शैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया।।
रथ हांका जैसे अर्जुन का,
वैसे मेरे भी रथवान बनो,
हर जहर ही अमृत बन जाए,
प्रभु ऐसे दयानिधान बनो,
तेरे होते ओ गोपाल,
क्यों मुसीबतों के जाल,
मेरे तन को जलाये पुरवैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया।।
हो सकता है संकट में घिर के,
मैं भक्ति से तौबा कर जाऊं,
या धन्ना भगत के जैसे ही,
मैं भी जिद पे अड़ जाऊ,
कभी देख मेरी ओर,
काहे बना है कठोर,
तू तो करुणा का रास रचैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया।।
किनारे मेरी नैया,
लगा दे ओ कन्हैया,
नित जपूँ तेरा नाम,
आजा नरसी के श्याम,
कोई तुझसा ना और खिवैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया,
किनारें मेरी नईया,
लगा दे ओ कन्हैया।।
Singer – Nitin Mukesh Ji
Upload By – Durga Prasad Ji








