बाबा जी को ध्यान लगाले,
मन में आनंद पावेलो,
नीला घोड़ा पर चढ़ करके,
बाबो दोड़यो आवेलो,
बाबाजी को ध्यान लगालें।।
तर्ज – रामचंद्र कह गए सिया से।
कसुमल बाग केसरियो जामो,
कलयुग को अवतारी है,
साँचा पर्चा देवे बापजी,
जाने दुनिया सारी है,
हो मन वीणा को तार बजाकर,
जदसु भजन सुनावेलो,
नीला घोड़ा पर चढ़ करके,
बाबो दोड़यो आवेलो,
बाबाजी को ध्यान लगालें।।
रूणिचा में धाम बन्यो है,
आवे नर और नारी है,
धोक लगावे दरवाजा पर,
विपदा मेटे सारी है,
हो दर पे आया दुखियारा का,
बाबो कष्ट मिटावेलो,
नीला घोड़ा पर चढ़ करके,
बाबो दोड़यो आवेलो,
बाबाजी को ध्यान लगालें।।
आंधड़ा ने आँख देवे,
पांगड़ा ने पाव देवे,
बांजयाड़ी गोद भर जावे रे जावे रे,
कृपा हुई जब रामदेव पीर की,
गूंगो भी पंचम में गावे रे गावे,
हे जीरे हे जी रे,
ऊंच नीच भेद नाही,
साँचा दरबार माही,
जो जैसो ध्यावे वैसो पावे रे पावे,
गावे गोपाल लाल,
बाजे है ढोल ताल,
संगम में आनंद आवे रे आवे,
हे जी रे हे जी रे।।
बाबा जी को ध्यान लगाले,
मन में आनंद पावेलो,
नीला घोड़ा पर चढ़ करके,
बाबो दोड़यो आवेलो,
बाबाजी को ध्यान लगालें।।
Singer – Gopal Ji Bajaj
Upload By – Mayank Kamra
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