सुनो मोहन फरियाद मेरी,
आओ छोड़ समाधि बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
ध्यान धरा बाबा जी तेरा,
सुन काली खोली वाले रे,
आंगन तेरी ज्यौत जगाई,
ओ भक्तों के रखवाले रे,
खीर का तो परसाद बनाया,
भोग लगाओ बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
ना चाहत मेरी झूठी बाबा,
तू सच्चे दिल से धारा रे,
तेरी भक्ति में रमा हुआँ मन,
कण कण तूही समाया रे,
हो नीले अस्वार मोहन,
अब देर करो ना बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
तीनों लोक में डंका बाजे,
तेरे नाम का तप धारी,
द्वापर ओर त्रैता में भगवन,
तेरी महिमा थी भारी,
कल युग में तेरी कला है न्यारी,
आण दिखाओ बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
राजू भक्त तेरा आज्ञा कारी,
हर दम ताबेदार रहे,
लिखता भजन सुरेन्द्र तेरे,
नितिन पाल प्रचार करे,
हो रही जय जय कार मोहन,
तुम खेलो आके बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
सुनो मोहन फरियाद मेरी,
आओ छोड़ समाधि बाबा जी,
दर्शन की तेरी चाह में बेठे,
झलक दिखाओ बाबा जी,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा,
आजा रे बाबा आजा रे बाबा।।
गायक – सुरेन्द्र सिंह निठौरा।
09999641853








