नवरात्रों की शुभ घड़ी आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है,
खुशियां ही खुशियां छाई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
तर्ज – मैं लाई हूँ दाने अनार के।
ना माँ हाथी पे आई,
ना माँ घोड़े पे आई,
माता शेर सवारी कर आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
ना माँ सखियों संग आई,
ना सहेली कोई लाई,
माँ तो लंगूर भैरों संग आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
लेकर हाथों में तलवार,
करके सोलह श्रृंगार,
माता बिगड़ी बनाने आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
मिल के जयकारे लगाओ,
माँ का आसन सजाओ,
माँ तो खुशियां लुटाने आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
नवरात्रों की शुभ घड़ी आई है,
माँ के आने की सबको बधाई है,
खुशियां ही खुशियां छाई है,
माँ के आने की सबको बधाई है।।
Singer – Aarti








