गुजरियां नाचे खोली में,
रंग जमा दिया होली में,
रंग जमा दिया होली में,
रे रंग जमा दिया होली में।।
कोई दिल्ली कोई यूपी वाली,
कोई जयपुर हरियाणा वाली,
सब बोले तो मिठी बोली में,
रंग जमा दिया होली में।।
झूठे आगे जुड़ा अखाड़ा,
पकड पकड के रंग रही ठाडा,
जो फस गया उन की टोली में,
रंग जमा दिया होली में।।
फागुन की मस्ती सर चढगी,
होश गादले सब के करगी,
रंग लाई भर भर झोली में,
रंग जमा दिया होली में।।
सुरेन्द्र सिंह निठौरा वाला,
लिखे कविता काटे चाला,
रस टपके तेरी बोली में,
रंग जमा दिया होली में।।
गुजरियां नाचे खोली में,
रंग जमा दिया होली में,
रंग जमा दिया होली में,
रे रंग जमा दिया होली में।।
गायक – सुरेन्द्र सिंह निठौरा।
9999641853








