अरे सभी भाया ने अर्ज हमारी,
नार खरगसाई आणी हे,
संत आता देखिया,
या कूड़े दूध में पानी हे होजी।।
अरे पांच पचीस थारे भेस्या मले,
अरे दोजा की थरयाणी हे,
संत आता देखीया या,
खुडे दूध मे फाणी हे होजी।।
अरे छाछ गालता छाती फाटे,
दूध गालबोइ दोरो हे,
रोटी देता रोज आवे,
जुट बोलबोइ सोरो हे होजी।।
सगा जटजीऊ लड़बा लागी,
काणीया गुगटा वाली है,
अरे दोर जठेणीया गाल गमेड़ी,
जदवा मरदड़ी ने जाणी हे होजी।।
अरे कड़ीया फेर वा लगड़ फेरीया,
नाख फरी बाली है,
अरे नुख नखु मे वा गाणो फोरीया,
फचे घर का धणी सामे नाली है होजी।।
अरे पदम गुरु परवाणी मीलया,
लादुरामजी जाणी हे,
अरे गुजर गरीबी मे खनीराम बोले,
न्यारी न्यारी छाणी हे होजी।।
अरे सभी भाया ने अर्ज हमारी,
नार खरगसाई आणी हे,
संत आता देखिया,
या कूड़े दूध में पानी हे होजी।।
गायक – भेरु पुरी जी।
प्रेषक – सिंगर मगनीराम गाडरी।
महुआ खुर्द भीलवाडा़ ( राज.)
मो. 9680818193








