रिद्धि सिद्ध संग लाओ,
शुभ लाभ मनाओ,
म्हारा मंगल काज सवारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारो,
म्हारे आंगने,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
तर्ज – बड़ा दुःख दीना।
गौरी नंदन मंगल कारक,
जग में सगला सारों कारक,
नाम जपूँ निज थारो,
हेलो सुन लिजो म्हारो,
मने एक भरोसो थारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
केसर चंदन तिलक लगावा,
मीठा मोदक भोग चढ़ावा,
थारे मुख उजियारो,
हाथ फर्को है मारो,
थारो रूप बडो है प्यारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
है गणनायक किरपा करदो,
दाता म्हारी झोली भर दो,
मन एक भरोसो थारो गजानंद,
मोहे भव सु पार उतारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
दास अशोक यूं अरज सुनावे,
कर मनवार ये पास बुलावे,
थारी ओर निहारूं म्हारो विघ्न निवारो,
थारे चरणा में मस्तक म्हारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
रिद्धि सिद्ध संग लाओ,
शुभ लाभ मनाओ,
म्हारा मंगल काज सवारो,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारो,
म्हारे आंगने,
रमता पधारों,
प्यारा गजानंद रमता पधारों।।
ॐ गण गणपतये नमो नमः,
सिद्धि विनायक नमो नमः,
अष्ट विनायक नमो नमः,
मंगलमूर्ति मौर्या।
गायक – दिलीप जी गवैया।
प्रेषक – हवन पंवार।








