प्रथम पेज कृष्ण भजन तूने पकड़ी मेरी कलाई किसी से अब क्या लेना भजन लिरिक्स

तूने पकड़ी मेरी कलाई किसी से अब क्या लेना भजन लिरिक्स

तूने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना,
तूने ऐसी जीत दिलाई,
ख़ुशी से छलके नैना,
तुने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना।।

तर्ज – तुझे याद ना मेरी आई।



तूने हर ख़ुशी दे दी,

लबो की हँसी दे दी,
मैंने अर्ज़ी जो ही लगाई,
तूने ऐसी की सुनवाई,
मेरी पल में बिगड़ी बनाई,
मेरी पल में बिगड़ी बनाई,
किसी से अब क्या लेना,
तुने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना।।



दुनिया से था अकेला,

पास ना था पैसा ढेला,
मैंने तुझको सारी बताई,
तूने मोर छड़ी लहराई,
ऐसी भजनो की माला पहनाई,
ऐसी भजनो की माला पहनाई,
किसी से अब क्या लेना,
तुने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना।।



सोचूं क्या लागू तेरा,

तुझसे क्या है रिश्ता मेरा,
फिर क्यों तूने प्रीत लगाई,
क्यों ऐसी यारी निभाई,
तब ‘शैली’ की आँख भर,
तब ‘शैली’ की आँख भर,
किसी से अब क्या लेना,
तुने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना।।



तूने पकड़ी मेरी कलाई,

किसी से अब क्या लेना,
तूने ऐसी जीत दिलाई,
ख़ुशी से छलके नैना,
तुने पकड़ी मेरी कलाई,
किसी से अब क्या लेना।।

स्वर – विशाल शैली।


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