तेजाजी सुरसुरा का राजा,
तेजाजी खरनालिया का राजा,
ऐ लीलन घोड़ी प्यारी,
थारा दुनिया दर्शन आरी।।
लीलण घोड़ी प्यारी लागे,
सुरसुरा पूजवावे,
ढाणी ढाणी पूजवावे।।
काला का खायोडा आवे,
ऐ पल में जहर उगेले,
ऐ पल में जहर उगेले।।
भादवा में मेला लागे,
अलगोछा प्यारी बाजे,
अलगोछा प्यारी बाजे।।
नाग मंदिर थारे घूमे,
खेड़ा खेड़ा पुजावे,
ढाणी ढाणी पुजावे।।
थारा दुनिया दर्शण आवे,
प्रेम शंकर जाट गावे,
थांकी महिमा गावे,
थांकी शरणा आवे।।
तेजाजी सुरसुरा का राजा,
तेजाजी खरनालिया का राजा,
ऐ लीलन घोड़ी प्यारी,
थारा दुनिया दर्शन आरी।।
गायक – प्रेम शंकर जाट।
प्रेषक – घनश्याम वैष्णव।
9660560036