तकदीर मुझे ले चल मैया जी की बस्ती में भजन लिरिक्स

तकदीर मुझे ले चल,
मैया जी की बस्ती में।

दरबार में हर रंग के,
दीवाने मिलेंगे,
आपस में बड़े प्यार से,
बेगाने मिलेंगे,
हर देश से पहुचेंगी,
दर्शन को निगाहे,
चारो तरफ ही माई के,
परवाने मिलेंगे,
तकदीर मुझे ले चल,
मैया जी की बस्ती में,
ये उमर गुजर जाए,
मैया जी की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल।।



क्या जाने कोई क्या है,

मेरी माई का दरबारा,
सबसे बड़ा है जग में,
मेरी माई का दरबारा,
शेहरे चड़े हुए है,
माई की रहमतो के,
प्यारा सज़ा हुआ है,
मेरी माई का दरबारा,
भक्तो की है कतारे,
माई के दर पे देखो,
दुल्हन सा लग रहा है,
मेरी माई का दरबारा,
तकदीर मुझे लें चल,
मैया जी की बस्ती में,
ये उमर गुजर जाए,
मैया जी की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल।।



सबसे हसीन देखो,

मेरी माई का दरबारा,
रहमत का है भंडारा,
मेरी माई का दरबारा,
तारे करम से सबको,
मेरी माई का दरबारा,
ममता लूटा रहा है,
मेरी माई का दरबारा,
अमीर और ग़रीब सभी,
माँ के दर पे आते है,
रहमत का है खजाना,
मेरी माई का दरबारा,
तकदीर मुझे लें चल,
मैया जी की बस्ती में,
ये उमर गुजर जाए,
मैया जी की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल।।



मेरे दिल की बस दुआ है,

मेरी माँ के दर पे जाऊं,
जीवन वहीँ गुजारूं,
कभी लौट के ना आऊं,
गुणगान करूँ माँ का,
जीवन सफल बनाऊ,
चरणों में अपनी माँ के,
श्रद्धा सुमन चढ़ाऊँ,
बस रात दिन भवानी,
तेरा भजन मैं गाउँ,
दुनिया को भूल तुझपे,
मैं वारी वारी जाऊं,
तकदीर मुझे लें चल,
मैया जी की बस्ती में,
ये उमर गुजर जाए,
मैया जी की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल।।



तकदीर मुझे ले चल,

मैया जी की बस्ती में,
ये उमर गुजर जाए,
मैया जी की बस्ती में,
तकदीर मुझे ले चल।।

Singer – Shahnaaz Akhtar


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