सुनजो ध्यान लगाय जग में नींद नी लेवे नौ जना

सुनजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।

दोहा – मन तू मारो मानले,
फोगट फिरना छोड,
संगत में आवे सुधरीयो नही,
अरे बीरा रे गयो मूर्ख ढोर।



सुनजो ध्यान लगाय जग में,

नींद नी लेवे नौ जना,
ए नींद नी लेवे नौ जना,
ए नींद नी लेवे नौ रे भायो,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे पेलो नर वो जान जिनरे,

बेटी कवारी घर आंगने,
अरे पेलो नर वो जान जिनरे,
बेटी कवारी घर आंगने,
अरे बेटी कवारी घर आंगने,
बेटी कवारी घर आंगने,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे दूजो नर वो जान जिनरे,

माते कहिजे कर्जो घणो,
अरे दूजो नर वो जान जिनरे,
माते कहिजे कर्जो घणो,
ए कर्जो घणो माते कर्जो घणो,
कर्जो घणो रे माते कर्जो घणो,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे तीजो नर वो जान ज्यारे,

पास मे कहिजे पैसो घणो,
अरे तीजो नर वो जान जिनरे,
पास मे कहिजे पैसो घणो,
अरे पास मे कहिजे पैसो घणो,
ज्यारे पास मे कहिजे पैसो घणो,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे भई चौथो चुगली खोर,

वो तो पराई बातो करे घणी,
अरे भई चौथो चुगली खोर,
वो पराई बातो करे घणी,
अरे भाया पर बातों ने करे घणी,
पराई बातो करे घणी,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे भई पांचवो नर वो जान जिनरे,

वैरी दुश्मन कहिजे घणा,
अरे पांचवो नर वो जान जिनरे,
वैरी दुश्मन कहिजे घणा,
अरे वैरी दुश्मन कहिजे घणा,
ए ज्यारे वैरी दुश्मन कहिजे घणा,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे भई छठो रोगी जान ज्यारे,

तन मन मे है करूणा घणी,
अरे भई छठो रोगी जान ज्यारे,
तन मन मे कष्टा घणी,
ए तन मे कहिजे कष्टा घणी,
अरे भई तन मे कहिजे कष्टा घणी,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे भई सातवो जोगी जान वो तो,

वन में धुणी तापता,
अरे भई सातवो जोगी जान वो तो,
वन में धुणी तापता,
अरे वन में धुणी तापता ए,
जंगल में धुणी तापता,
अरे सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे भई आठवो नर वो जान जो,

समझे ओर समझावना,
अरे भई आठवो नर वो जान जो,
समझे ओर समझावना,
अरे समझे ओर समझावना,
अरे भई समझे ओर समझावना,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



ए अरे नमो नर वो जान जग में,

अरे पर नारी पर रिजे घणो,
अरे नमो नर वो जान जग में,
अरे पर नारी पर रिजे घणो,
अरे पर नारी पर रिजे घणो,
अरे भई पर नारी पर रिजे घणो,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।



सुणजो ध्यान लगाय जग में,

नींद नी लेवे नौ जना,
ए नींद नी लेवे नौ जना,
ए नींद नी लेवे नौ रे भायो,
सुणजो ध्यान लगाय जग में,
नींद नी लेवे नौ जना।।

गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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