श्याम सुंदर मदन मोहन,
बांसुरी वाले,
तू न संभाले तो,
हमें कौन संभाले।।
सांवरे घनश्याम तेरा,
यही प्यार है,
जानता हूं तू ही मेरा,
खेवनहार है,
मिट्टी की ये काया,
अब तेरे हवाले,
तू न संभाले तो,
हमें कौन संभाले।।
तेरे सिवा कौन मेरा,
कृष्ण कन्हाई,
तेरे द्वार आया मेरा,
तू ही सहाई,
शरण तेरी आया प्रभु,
लाज बचा ले,
तू न संभाले तो,
हमें कौन संभाले।।
श्याम सलोने ने,
जब ये बंसी बजाई,
सुध मेरी बिसरी ऐसी,
तान सुनाई,
आजा दरस दिखा दे,
अब बांसुरी वाले,
तू न संभाले तो,
हमें कौन संभाले।।
श्याम सुंदर मदन मोहन,
बांसुरी वाले,
तू न संभाले तो,
हमें कौन संभाले।।
स्वर – आरुषि गंभीर।
प्रेषक – ओम प्रकाश पंचाल।
उज्जैन मध्य प्रदेश।
9926652202








