श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं भजन लिरिक्स

श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं, 
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।



मेरा दिल तो दीवाना हो गया, 

मुझे सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं, 
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।



मेरे नैयनो में सूरत श्याम की, 

मुझे दिल से लगाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं, 
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।



सदियो से भटक रहा दर दर पर, 

मुझे दर पर बुलाता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं, 
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।



तेरे प्यार का आधा पागल हूँ, 

पूरा पागल बनता क्यूँ नहीं।
श्याम सपनो मे आता क्यूँ नहीं, 
प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।



श्याम सपनो में आता क्यूँ नहीं, 

प्यारी सूरत दिखाता क्यूँ नहीं।।


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