श्याम मुझपे भी नज़रे करम कीजिए भजन लिरिक्स

श्याम मुझपे भी नज़रे करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए,
मांगता भीख दर पे तेरे सांवरे,
मैं तर जाऊँ दाता ये वर दीजिए,
श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।।

तर्ज – आज कल याद कुछ और।



अपनों ने साथ छोड़ा ना कोई मेरा,

दर ब दर खाके ठोकर मिला दर तेरा,
श्याम मेरी भी बिगड़ी बना दीजिए,
मुझपे उपकार मेरे प्रभु कीजिए,
श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।।



मेरे जीवन के पन्ने ख़तम हो चले,

इस छलिया जगत में गए हम छले,
श्याम मेरा मुक्क्दर जगा दीजिए,
मेरी कश्ती किनारे लगा दीजिए,
श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।।



कर दो हमपे दया खाटू के सांवरे,

तेरे दीदार को नैना है बाँवरे,
श्याम ‘पागल’ को अपना बना लीजिए,
श्याम ‘जख्मी’ दिलों में बसा दीजिए,
श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।।



श्याम मुझपे भी नज़रे करम कीजिए,

मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए,
मांगता भीख दर पे तेरे सांवरे,
मैं तर जाऊँ दाता ये वर दीजिए,
श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,
मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।।

Singer – Rasik Pooran Pagal


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें