सेवक और दास का सबका कहना है भजन लिरिक्स

सेवक और दास का,
सबका कहना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।

तर्ज – फूलों का तारों का।



ये ना जाना दुनिया ने,

मैं हूँ क्यों उदास,
मेरी प्यारी आँखियो को,
तेरी ही तो आस,
सुनले सांवरे कह जो कहना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।



जब तक ना पहुँचा था,

तेरे दर हुज़ूर,
तब तक मेरे जीवन में,
था ग़म का सुरुर,
अब जो मिला है तू मन में चैना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।



बाबा देख मैं तो तेरे,

चौखट की धूल,
मैं ना भूलूँ तुमको,
मुझे भी तू ना भूल,
सुख की है चाह तो दुःख भी सहना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।



तेरे प्रेमी दुःख से कभी,

डरते नहीं है,
तख़लीफ़ो से बच के,
गुज़रते नहीं है,
सेवक का तेरे बस इतना कहना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।



सेवक और दास का,

सबका कहना है,
एक हज़ारों में मेरा बाबा है,
सारी उमर सेवा में रहना है।।

Singer – Abhishek Agrawal