सेवा मारी मानो गणपति देवा खोलो मारा हिरदा का ताला

सेवा मारी मानो गणपति देवा,
पूजा मारी मानो गणपति देवा,
खोलो मारा हिरदा का ताला वो।।



दुध चड़ाओं देवा नही है अछुता,

दुध न तो बछड़ो बटोलियो वो।।



जल चड़ाओं देवा नही है अछुता,

जल न तो मछलियां बटोलियो वो।।



भोजन चड़ाओं देवा नही है अछुता,

भोजन न तो मक्खियां बटोलियो वो।।



फुल चड़ाओं देवा नही है अछुता,

फुल न तो भंवरो बटोलियो वो।।



सेवा मारी मानो गणपति देवा,

पूजा मारी मानो गणपति देवा,
खोलो मारा हिरदा का ताला वो।।

गायक – भगवान जी महाराज।
Mob. 6367342289
प्रेषक – दिलखुश (सेठु) बैरवा
Mob.9351308038