सांवरिया घर आजा रे नदी रे किनारे म्हारो गाँव भजन लिरिक्स

सांवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया यमुना किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



थारे थारे कारण सांवरा,

बाग लगाया रे,
घुमण रे मिस आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



थारे थारे कारण साँवरा,

भोजन बणाया रे,
जीमण रे मिस आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



थारे थारे कारण साँवरा,

होद भराया रे,
झूलण मिस आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



थारे थारे कारण साँवरा,

आसन लगाया रे,
बैठण मिस आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



चन्द्र सखी भज,

बाल कृष्ण छवि,
भक्तों को पार लगाजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।



सांवरिया घर आजा रे,

नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया यमुना किनारे म्हारो गाँव,
साँवरिया घर आजा रे,
नदी रे किनारे म्हारो गाँव।।

प्रेषक – रामेश्वर लाल पँवार।
‘आकाशवाणी सिंगर’
9785126052


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