संतो प्रेम री बातो लागेे प्यारी रे भजन लिरिक्स

संतो प्रेम री बातो लागेे प्यारी रे,

दोहा – सतसंगत आदी घडी,
ओर आधी मे पुनि आध,
तुलसी संगत संत री,
कटे कोटी अपराध।

संतो प्रेम री बातो लागेे प्यारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।



संतो हालो तलवारो वाली धारी रे,

संतो हालो तलवारो वाली धारी रे,
अरे मारो मनडो सावरिया मे राजी रे,
अरे मारो मनडो सावरिया मे राजी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।



संतो आबू रे पहाडों मे गेरी झाडी रे,

संतो आबू रे पहाडों मे गेरी झाडी रे,
अरे बाबोजी तपेला जटाधारी रे,
बाबोजी तपेला जटाधारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।



संतो निम्बोली मीठी नीम खारो रे,

संतो निम्बोली मीठी ने नीम खारो रे,
डाली डाली रस लेवनो रे,
डाली डाली रो रस लेवनो रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।



एतो हाथ जोड मीरा बाई बोले रे,

एतो हाथ जोड मीरा बाई बोले रे,
अरे हालोनी खोंडा वाली धारी रे,
हालोनी खोंडा वाली धारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।



संतो प्रेम री बातो लागेे प्यारी रे,

संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे,
अरे भगती लागे ओ थाने खारी रे,
भगती लागे ओ थाने खारी रे,
संतो प्रेम री बातों लागे प्यारी रे।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें