सालासर के मंदिर में यो भगत बावरो नाचे रे भजन लिरिक्स

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सालासर के मंदिर में यो भगत बावरो नाचे रे भजन लिरिक्स

सालासर के मंदिर में यो,
भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।

तर्ज – राम नाम के हीरे मोती।



भोलो भालो जाट को छोरो,

रूप गजब को ढायो रे,
सालासर में यूँ लागे,
ज्यूँ अंजनी लालो आयो रे,
लाल लंगोटो हाथा में घोटो,
पगा में घुंघरू बाजे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।

सालासर के मन्दिर में यो,
भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।



राम ने भजतो छम छम करतो,

थाने लाड़ लडावे रे,
मस्त मगन हो मस्ती में,
थारा ही गुण गावे रे,
जयकारा से गूंजे मंदिर,
बेगो बेगो आजे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।

सालासर के मन्दिर में यो,
भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।



ज्यूँ लंका में कुद्यो हनुमत,

कुद्यो अंगना थारे रे,
झटपट यो युक्ति ने लगावे,
सामने बैठ के थारे रे,
अष्ट सिध्धि नवनिधि का बाबा,
नैया पार लगा जे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।

सालासर के मन्दिर में यो,
भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।



सब भक्ता की विनती सुनलो,

बालाजी थारो ध्यान धरो,
चुरमो ल्यायो लाडू ल्यायो,
जो बने यो स्वीकार करो,
‘सज्जन’ बाबो भाव को भूखो,
सालासर में विराजे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।

सालासर के मन्दिर में यो,
भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।



सालासर के मंदिर में यो,

भगत बावरो नाचे रे,
आप भी नाचे और नचावे,
थारो चालीसो बांचे रे।।

स्वर – दीपक गर्ग।