रोको ज़रा कन्हैया मेरी जान जा रही है भजन लिरिक्स

रोको ज़रा कन्हैया,
मेरी जान जा रही है,
कातिल नज़र तुम्हारी,
खंजर चला रही है,
रोको ज़रा कन्हैंया।।

तर्ज – बिगड़ी मेरी बना दे।



बंशी बजा रहे हो,

पंछी फसा रहे हो,
बांकी अदा का फंदा,
कसते ही जा रहे हो,
मुस्कान तेरी जालिम,
बिजली गिरा रही है,
रोको ज़रा कन्हैंया।।



देखो हमारी हालत,

अब छोड़ दो शरारत,
हस हस के क़त्ल करना,
अच्छी नही है आदत,
घायल खड़ा हूँ मैं,
दुनिया ताली बजा रही है,
रोको ज़रा कन्हैंया।।



टेढ़ी नज़र तुम्हारी,

तीखी बड़े करारी,
झेला है जिसने दिल पे,
जाने वही बिहारी,
ये दर्दे दिल की लज़्जत,
हलचल मचा रही है,
रोको ज़रा कन्हैंया।।



रोको ज़रा कन्हैया,

मेरी जान जा रही है,
कातिल नज़र तुम्हारी,
खंजर चला रही है,
रोको ज़रा कन्हैंया।।

Singer – Kumar Shanu


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें