रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने वही ये श्रष्टि चला रहे है लिरिक्स
रचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये श्रष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले, उसी का ...
Read moreDetailsरचा है श्रष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये श्रष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले, उसी का ...
Read moreDetailsजो कर्म कर रहे हो, वहां सब हिसाब है, जैसा करोगे पाओगे, सीधा जबाब है।। जब आ गए संसार में, ...
Read moreDetailsयाद करूँ जद रेवो हिरदा में, याद करूँ जद रेवो हिरदा मे, भगता री रखवाली ओ आयल माता, इती कई ...
Read moreDetailsगाँव रुणिचे वाला बाबा, दर्शन म्हाने दे दीजो, निज चरणा में रामदेवजी, चाकर म्हाने रख लिजो।। तर्ज - भला किसी ...
Read moreDetailsमाताजी रा मिन्दरिया में, बांध्यो रे हिण्डोलो, बांध्यो रे हिण्डोलो, लाख आवे ने लाख जावे म्हारी माँ, लाख आवे ने ...
Read moreDetailsबुलाओगे कब ओ श्याम प्यारे, दरश की आशा है अब तो मन में, सुनाएंगे हम तो हाल दिल का, जो ...
Read moreDetailsतुझे देख देख सोना, तुझे देख कर है जगना, मैं तो तेरी दीवानी, तुमसे है प्रीत पुरानी, तू ही तो ...
Read moreDetailsमेरे साई तेरी शिरडी, बहुत अब याद आती है, जो बैठूं ध्यान में तेरे, जो बैठूं ध्यान में तेरे, मेरी ...
Read moreDetailsराधा रो रो के कहने लगी है, धारा आंसू की बहने लगी है, आस मोहन की दिल में लगी है, ...
Read moreDetailsश्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का, प्यारा नाम है, गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का ...
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