जयशंभुनाथ दिगंबरम करुणाकरं जगदीश्वरम
जयशंभुनाथ दिगंबरम, करुणाकरं जगदीश्वरम्, भवतारणम भयहारणम, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। मृगछाल अंग शुशोभितम्, करमाल दंड बिराजितं, यमकाल पास बिमोचकम्, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। गलरुण्डमाल ...
Read moreDetailsजयशंभुनाथ दिगंबरम, करुणाकरं जगदीश्वरम्, भवतारणम भयहारणम, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। मृगछाल अंग शुशोभितम्, करमाल दंड बिराजितं, यमकाल पास बिमोचकम्, करुणाकरं जगदीश्वरम्।। गलरुण्डमाल ...
Read moreDetailsगजानन्द महाराज हम, कीर्तन में तुम्हे बुलाते है, तेरा निशिदिन ध्यान लगाते है, गजानन्द महाराज।। तर्ज - एक तेरा साथ। ...
Read moreDetailsआओ आओ जी, गजानन्द आओ जी, तेरी महिमा अपार, होके मूसे पे सवार, संग रिद्धि-सिद्धि को, भी लाओ जी।। तर्ज ...
Read moreDetailsतेरा सज रहा सै दरबार, आ मात पाथरी आली।। तेरे नाम की रात जगाई, मनैं करके आस बुलाई, तनै कड़े ...
Read moreDetailsमाँ ने तुझको ममता दीनी, जब तूने माँ मानी, माँ ने जब तुझे दूध पिलाया, तब तूने माँ पहचानी, पर ...
Read moreDetailsबालक करके आज, हाथ मेरे सिर पे धरिए हो, दादा पितर भूल चुक मेरी, माफ करिए हो।। तर्ज - आदमी ...
Read moreDetailsमाँ सबके काम बणावै, बैठी बीच चौराहे में, बैठी बीच चौराहे में, बैठी बीच चौराहे में, मां सबके काम बणावे, ...
Read moreDetailsमाताजी री महिमा न्यारी, सिंह गरज कर आवे, ठुमक ठुमक कर आवे।। जोधपुर री चामुंडा मां, किले माथे विराजे, भाकर ...
Read moreDetailsश्री जम्भ चालीसा, दोहा - वंदो श्री जम्भ देव को, अलख अजोनी ईश, पारब्रह्म परमात्मा, पूर्ण विश्वा बीस। शब्द भेद ...
Read moreDetailsजा काया नहीं है तेरी, दोहा - प्यास लगती है तो, पनघट की याद आती है, लाज लगती है तो, ...
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