ओ सांवरे शरण में आई जगत से हार के लिरिक्स
ओ सांवरे शरण में आई, जगत से हार के, शरण में आईं, जो भी जग से हारा, दिया तूने सहारा, ...
Read moreDetailsओ सांवरे शरण में आई, जगत से हार के, शरण में आईं, जो भी जग से हारा, दिया तूने सहारा, ...
Read moreDetailsकैसे मैं तो भूलूं बाबा, तेरी मेहरबानियाँ, जबसे पड़ी रे नज़र, बरसी हम पे मेहर, दिन गए रे सुधर, गए ...
Read moreDetailsविनती सुन लेना मेरी, जोऊं बाटड़ली तेरी, कब आओगे हनुमान, धरूँ मैं तुम्हारा ध्यान।। तर्ज - कजरा मोहब्बत वाला। जबसे ...
Read moreDetailsदादी इतनी किरपा करिये, दर पे आवता रवा, मैं तो थारे दरबार से, माँ मांगता रवा।। तर्ज - थारे सेठ ...
Read moreDetailsऐ मेरे श्याम तेरा प्रेमी, जग से हारा है, सुना है हारे का, बन जाता तू सहारा है, ऐं मेरे ...
Read moreDetailsतेरी इन मतवारी आँखों में, डले काजल के डोरे, अरे घनश्याम, मुखड़े पे चंदन की शोभा, मन को भा गई ...
Read moreDetailsसतगुरु देवा जी, सुण ल्यो म्हारी विनती, मैं दु:खी बड़ो बेहाल, पिलाओ ज्ञान जड़ी।। कर्म उपासना ओ, किया मैं बहु ...
Read moreDetailsम्हारी बाण माता धनियाणी, मोटो देवरो माँ, देवलिया में बोले मीठा मोर माँ, म्हारी अम्बे माँ धनियाणी, मोटो देवरो माँ।। ...
Read moreDetailsधार रे अवतार गुरु आविया, मेटी म्हारे दुखडा री खाण, दे उपदेश गुरू पार क्या भव से, हो पृगट बताई ...
Read moreDetailsमनमोहनी है छवि ये तुम्हारी, हटती नहीं है बाबा नजरें हमारी।। तर्ज - सागर किनारे। सिर पे मुकुट और कानों ...
Read moreDetails© 2016-2025 Bhajan Diary