जो विधि कर्म में लिखा विधाता भजन लिरिक्स
जो विधि कर्म में लिखा विधाता, मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा, देने वाला कोई नहीं, वक्त ...
Read moreDetailsजो विधि कर्म में लिखा विधाता, मिटाने वाला कोई नहीं, वक्त पड़े पर गजभर कपड़ा, देने वाला कोई नहीं, वक्त ...
Read moreDetailsदूल्हा बन आये त्रिपुरारी रे, त्रिपुरारी, होके बैल पे सवार, पहने सरपो के हार, लागे सुंदर छबि प्यारी रे, त्रिपुरारी।। ...
Read moreDetailsगाए जा गाए जा, श्री राम नाम गुण गाए जा, राम नाम गुण गा गा कर, जीवन सफल बनाए जा।। ...
Read moreDetailsडमरू जो बाजे हाथों में, नाचे धरती और आकाश, के भोले बाबा नाच रहे, डमरू जो बाजे हाथो में।। तर्ज ...
Read moreDetailsशिव भोले हितकारी, लाज राखो हमारी, हे डमरू के धारी, लाज राखो हमारी, शिव भोलें हितकारी, लाज राखो हमारी।। एक ...
Read moreDetailsराधे कृष्ण की ज्योति अलोकिक, तीनों लोक में छाये रही है, भक्ति विवश एक प्रेम पुजारिन, फिर भी दीप जलाये ...
Read moreDetailsमेरी अखियां तरसे तेरे, दीदार के लिये, मैं बरसो तड़पा सांवरिया, तेरे प्यार के लिये, मैं बरसो तड़पा सांवरिया, तेरे ...
Read moreDetailsपूरब से जब सूरज निकले, सिंदूरी घन छाए, पवन के पग में नुपुर बाजे, मयूर मन मेरा गाये, मन मेरा ...
Read moreDetailsतुझे ढूँढू कहाँ मेरे सांवरिया, मुझे पते ठिकाने दे, राहों में तेरी बैठी नैना बिछाए, रज चरण तो पाने दे, ...
Read moreDetailsमेरी नैया पार लगेगी, माँ खड़ी है तू उस पार, ना कोई माझी साथ में, ना हाथों पतवार।। तर्ज - ...
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