कंकर कंकर बना है शंकर माँ तेरे प्रताप से नर्मदा भजन लिरिक्स
कंकर कंकर बना है शंकर, माँ तेरे प्रताप से, दरस तेरा भक्तों को छुड़ाए, जीवन के हर ताप से, हर ...
Read moreDetailsकंकर कंकर बना है शंकर, माँ तेरे प्रताप से, दरस तेरा भक्तों को छुड़ाए, जीवन के हर ताप से, हर ...
Read moreDetailsनारायणी शरणम, दोहा - माँ से भक्ति है, माँ से शक्ति है, माँ से मुक्ति है, करता जो माँ का ...
Read moreDetailsजग पे संकट आया बाबा, मोरछड़ी लहराओ ना, हार गया जग इस संकट से, नीले चढ़ अब आओ ना, जग ...
Read moreDetailsहै सुखी मेरा परिवार, माँ तेरे कारण, तेरे कारण तेरे कारण, मैया बस तेरे कारण, मेरे घर में मौज बहार, ...
Read moreDetailsमन प्राण बुद्धि हो प्रबल, चित्त विमल कर दे शारदे, उठे मन में उद्रेक सात्विक, उद्दात भाव का सार दे।। ...
Read moreDetailsइतनी किरपा करना, तुम्हे नाथ नहीं भूलूँ, मैं तेरी बदौलत हूँ, ये बात नहीं भूलूँ।। तर्ज - होंठों से छू ...
Read moreDetailsमाता नै जो बचन दियो, बो तोड़ न पावैगो, कोन्या माने कालजो, के तू नई आवैगो।। देवरै का पट बन्द ...
Read moreDetailsआओ माँ के द्वार हंसते हंसते, कर लो नैया पार हंसते-हंसते, क्यों भटको हर बार तुम यूं रस्ते रस्ते, कर ...
Read moreDetailsमैंने सब कुछ पाया गुरुवर, तेरा दर्शन पाना बाकी है, मेरे घर में कोई कमी नहीं, बस तेरा आना बाकी ...
Read moreDetailsमेरे मन के मंदिर में, माँ वेगि आओ, हृदय बीच आकर के, आसन लगाओ, बोलो जय माता, जय माता जय ...
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