अन्त तरणा रे संत सिंगाजी भजन लिरिक्स
अन्त तरना अन्त तरना, अन्त तरणा रे, निज नाम का सुमरण करणा, अंतर तरना रे।। रूप स्वरूप कि बनी सुंदरी, ...
Read moreDetailsअन्त तरना अन्त तरना, अन्त तरणा रे, निज नाम का सुमरण करणा, अंतर तरना रे।। रूप स्वरूप कि बनी सुंदरी, ...
Read moreDetailsमुझे तूने मालिक, बहुत कुछ दिया है, तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है, मेरे लिए तूने, सबकुछ किया है, तेरा ...
Read moreDetailsगोविंद मेरो है गोपाल मेरो है, दोहा - क्या छवि सांवरे प्रीतम की, मन जात चला हटके हटके मुखचन्द्र छटा ...
Read moreDetailsवृन्दावन में श्री चरणन में, हमको रहना है, संतन के संग बैठ बैठ मोहे, नाम सुमिरना है, वृंदावन में श्री ...
Read moreDetailsखाटू की याद जब जब आये, हाये दिल मेरा भर आये, मेरे श्याम दो पंख हमें तुम दे दो, ताकि ...
Read moreDetailsदो अक्षर वाला नाम, आये बड़ा काम जी, राम राम जपो, चले आएंगे हनुमान जी, राम राम भजो, श्री राम ...
Read moreDetailsधन माया महल अटारी, सखा बंधु सुत नारी, सब छोड़ आया, मैया के दर दौड़ आया, सब छोड़ आया, मैया ...
Read moreDetailsहरि भज हरि भज हरि भज प्राणी, एक दिन पिंजरो पड़ जासी, करणा वे सो करले रे प्राणी, जंगल डेरा ...
Read moreDetailsये तो अधमन की खरीदार, हमारी राधा रानी, हमारी राधा रानी, हमारी राधा रानी, या ने मोह लियो नन्द कुमार, ...
Read moreDetailsएक बार आजा दादी, तुझको निहार ल्यूं, मनड़े में दादी थारी, मूरत उतार ल्यूं, एक बार आजा रे।bd। तर्ज - ...
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