एक दीन गंगा रे तीरे मिलग्या दो बिछड्या प्राणी लिरिक्स
एक दीन गंगा रे तीरे, मिलग्या दो बिछड्या प्राणी। दोहा - सूरज टले चंदो टले, और टले जगत व्यवहार, पण ...
Read moreDetailsएक दीन गंगा रे तीरे, मिलग्या दो बिछड्या प्राणी। दोहा - सूरज टले चंदो टले, और टले जगत व्यवहार, पण ...
Read moreDetailsतुझ संग प्रीत लगाई मोहना, मोहना मोहना ओ कान्हा, ओ रे नंदलाला ओ रे गोपाला, तुझ संग प्रित लगाई मोहना, ...
Read moreDetailsवो दिल कहाँ से लाऊं, तेरी याद जो भुला दे, मुझे याद आने वाले, मुझे याद आने वाले, कोई रास्ता ...
Read moreDetailsबजरंगी सरकार, द्वार तेरे आए, द्वार तेरे आए, दरश तेरा पाए, विनती करो स्वीकार, द्वार तेरे आए, बजरँगी सरकार, द्वार ...
Read moreDetailsकरदे किरपा की मुझपे, नज़र सांवरे, यूँ ही आता रहूं, तेरे दर सांवरे, प्यार तेरा मुझे, यूँ ही मिलता रहे, ...
Read moreDetailsखाटू जाने से बदले, मेरे बिगड़े हुए हालात, बाबा ने हमको दे दी, खुशियों की हर सौगात, चाँद से प्यारे ...
Read moreDetailsउल्टे है हनुमान जहाँ, चोला सिंदूरी धारा, धन्य हुई सांवेर की धरती, जहाँ लगे दरबार तुम्हारा।। त्रेता मे लाँगूर यहीं, ...
Read moreDetailsभोले बाबा ने पकड़ा हाथ, की रहता हर पल मेरे साथ, अकेला मत समझो, अकेला मत समझो।। तर्ज - मेरे ...
Read moreDetailsश्याम कुंड भक्तो का झुंड, करके नहान धर श्याम ध्यान, हम क्या करेंगे, भजन करेंगे भजन करेंगे, भजन करेंगे।bd। लेकर ...
Read moreDetailsसखी मेरा सांवरिया सरकार, भगत के कष्ट मिटाता है, कष्ट मिटाता है, श्याम दुःख दर्द मिटाता है, सखी मेरा मेरा ...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary