जा पहुँचे लंका नगरी में सागर लांघ के लिरिक्स
जा पहुँचे लंका नगरी में, सागर लांघ के, सियाराम की जय जय बोले, हनुमत सीना तान के।। माता के चरणों ...
Read moreDetailsजा पहुँचे लंका नगरी में, सागर लांघ के, सियाराम की जय जय बोले, हनुमत सीना तान के।। माता के चरणों ...
Read moreDetailsजन्मे रे जन्मे रे वीर प्रभु जन्मे, क्षत्रिय कुल में आज रे, हो जन्म लियो जिनराज रे, आई है सखियाँ ...
Read moreDetailsमन होजा दीवाना रे, राम जी के चरणों में, राम चरणों में, राम चरणों में, मन हो जा दीवाना रे, ...
Read moreDetailsसरयू मैया तोरी, लहर लहरिया रे, बिगड़े देश के बना दे, मैया काम, यहाँ विपदा है भारी, प्रजा बड़ी दुखियारी, ...
Read moreDetailsक्या खूब सजा दरबार, ये देखो भक्तो का है मेला, श्री बाबोसा के द्वार पे भक्तो, है मंजर अलबेला, दिल ...
Read moreDetailsश्याम तेरा दर मुझको तो, घर जैसा लगता है, तू ही बता मुझसे मिलकर, तुझे कैसा लगता है।bd। तर्ज - ...
Read moreDetailsदुनिया चलती पैरों पर मैं, श्याम भरोसे चलता हूँ, मेरा कुछ भी नहीं है मैं तो, श्याम भरोसे पलता हूँ, ...
Read moreDetailsश्याम तुम्हारे जैसा जग में, ना कोई दिलदार, किस्मत मेरी संवर गई है, पा के तेरा दरबार।bd। तर्ज - चांदी ...
Read moreDetailsसारी दुनिया से अपने, अंदाज़ निराले है, हम खाटू वाले है, हम खाटू वाले हैं।। जबसे तेरे दर पे हूँ ...
Read moreDetailsश्याम मेरी तुमसे लड़ाई है, दोहा - दर दर भटक रही, तेरे दीदार के लिए, और चुन चुन कर फूल ...
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