भजन बिना काहे को देह धरी लिरिक्स
भजन बिना काहे को देह धरी, गटक चटक सू खायो सोयो, सुमिरयो नाहीं हरि, भजन बिना काहे को देह धरी।। ...
Read moreDetailsभजन बिना काहे को देह धरी, गटक चटक सू खायो सोयो, सुमिरयो नाहीं हरि, भजन बिना काहे को देह धरी।। ...
Read moreDetailsम्हारे आया आया आया, म्हारे राम लखन घर आया, जब देख्या रघुवर आता, ज्यारे संग में लक्ष्मण भ्राता, वा दौड़ी ...
Read moreDetailsतेरे डमरू की धुन सुनके, मैं काशी नगरी आई हूँ, मेरे भोले ओ बम भोले, मैं काशी नगरी आई हूँ।। ...
Read moreDetailsडमरू वाले आजा, तेरी याद सताए, मेरा ये भरोसा, कहीं टूट ना जाए, छुपा कहाँ आजा भोलेनाथ, डमरू वालें आजा, ...
Read moreDetailsदेखा अपने आप को, मेरा दिल दीवाना हो गया, ना छेड़िये यारों मुझे, मैं खुद मस्ती में आ गया।। लाखों ...
Read moreDetailsतू है सो मैं ही हूँ, मैं हूँ सो तू ही हैं, भगवान तुझ में मुझ में, अन्तर जरा नहीं ...
Read moreDetailsसदा सतसंग की महिमा, मुबारक हो मुबारक हो।। जगत को जलता देख करके, प्रभु ने ज्ञान घटा भेजी, बुझावे ताप ...
Read moreDetailsगजब तेरा नूर नूरानी, मेरा दिल देख हुआ पानी।। लगा तेरे इश्क का झोला, मेरा दिल सख्त गला ओला, जबां ...
Read moreDetailsइलाही नाम का सौदा, कमा ले जिस का जी चाहे।। देखे - लगाले प्रेम ईश्वर से। छोड़ सब दुनिया का ...
Read moreDetailsसियाराम जी के चरणों के, दास बालाजी, भक्तों के सदा रहते, पास बालाजी, श्री राम जी के दूत, बड़े खास ...
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