कलयुग ये कैसी उल्टी गंगा बहा रहा है भजन लिरिक्स
कलयुग ये कैसी उल्टी गंगा बहा रहा है, माता पिता को शरवण ठोकर लगा रहा है, माता पिता को शरवण ...
Read moreDetailsकलयुग ये कैसी उल्टी गंगा बहा रहा है, माता पिता को शरवण ठोकर लगा रहा है, माता पिता को शरवण ...
Read moreDetailsकान्हा खो गया दिल मेरा, तेरे वृन्दावन में, तर्ज - श्री राम जानकी। कान्हा खो गया दिल मेरा, तेरे वृन्दावन ...
Read moreDetailsमईया दिल मेरा खो गया इन पहाड़ो में, तेरे जलवो में तेरे नजारों में, मईया दिल मेरा खो गया इन ...
Read moreDetailsराधे राधे बोल श्याम मिल जासी, तर्ज - धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले राधे राधे बोल श्याम मिल ...
Read moreDetailsमुश्किल है सहन करना, ये दर्द जुदाई का, मुझे कुछ तो बता प्यारे, कारण रुसवाई का, मुश्किल हैं सहन करना, ...
Read moreDetailsअमलीड़ो अम्लिडो अम्लिडो अम्लिडो बाबो अम्लिडो बाबो अमलीड़ो, भक्ता ने लागे बालो, भक्ता ने लागे प्यारो, म्हारो राम रुणिचे वालो, ...
Read moreDetailsकैलाश के निवासी नमो बार बार हूँ, - दोहा - एक बिलपत्रम एक पुष्पम, एक लोटा जल की धार, दयालु ...
Read moreDetailsतेरे दर पे सर झुकाया, तुझे दुःख में हम पुकारे। दोहा - बड़ी किस्मत वाला है वो, झुकाता सर जो ...
Read moreDetailsछोटा सा मंदिर बनाएंगे राधेश्याम आएंगे, श्लोक जय जय श्री राधा रमण, जय जय नवल किशोर, जय गोपी चित चोर ...
Read moreDetailsभोले तेरी जटा से, बहती है गंग धारा, शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा, काली घटा के अंदर, ...
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