छोड़ चला रे बंजारा गठडी छोड़ चला बंजारा लिरिक्स
छोड़ चला रे बंजारा, गठडी छोड़ चला बंजारा।। इस गठरी में चांद और सूरज, इस गठरी में चांद और सूरज, ...
Read moreDetailsछोड़ चला रे बंजारा, गठडी छोड़ चला बंजारा।। इस गठरी में चांद और सूरज, इस गठरी में चांद और सूरज, ...
Read moreDetailsहे गुरुदेव तुमको नमन, आ गया मैं तुम्हारी शरण, दे हमें ज्ञान तू, हर ले अज्ञान तू, कर दूँ अर्पण ...
Read moreDetailsमात पिता गुरु प्रभु चरणों में, धर ले मनवा ध्यान, इन्ही से है अपना कल्याण, इन्ही से है अपना कल्याण, ...
Read moreDetailsअपने अंतरमन में, गुरु का सुमिरन कर ले, फिर सँवर जाएगी, ये तेरी जिन्दगी।। तर्ज - ये रेशमी जुल्फें। ध्यान ...
Read moreDetailsमेरे शीश के दानी का, सारे जग में डंका बाजे। दोहा - दान देते नहीं आप अपना सर, द्वार खाटू ...
Read moreDetailsमहाकाल की नगरी वाली, हरसिद्धि की जय, उज्जैन नगरी जो भी आवे, होवे उकी विजय, के दर्शन करने आजो जी, ...
Read moreDetailsदर पे आके तेरे साईं बाबा, कुछ सुनाने को दिल चाहता है, ना जुदा अपने चरणों से करना, सर झुकाने ...
Read moreDetailsश्रध्दा सबूरी मन में रक्खो, साई वचन अनमोल, सबका मालिक एक है बंदे, ये ही जुबाँ से बोल।। तर्ज - ...
Read moreDetailsसगराम दासजी महाराज की कुंडलीया, दोहा - भक्त बीज पलटे नही, और जो जुग जाये अनंत, ऊंच नीच घर अवतरे, ...
Read moreDetailsश्याम अगर जो तुम ना निभाते, दर्द दिलो के सह नहीं पाते, श्याम अगर जो तुम ना निभाते, बाबा अगर ...
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