ओ कान्हा तेरे दर्शन को तरस गए मेरे नैना भजन लिरिक्स

ओ कान्हा तेरे दर्शन को,
तरस गए मेरे नैना,
मैं हूँ जोगन तेरी कन्हाई,
अपना लो घनश्याम,
ओं कान्हा तेरे दर्शन को,
तरस गए मेरे नैना।।

तर्ज – ओ कान्हा अब तो।



ना मैं मीरा ना मैं राधा,

ना ही गोपी बनु मैं,
तेरे चरणों की दासी हूँ,
तेरा ही ध्यान धरु मैं,
तेरे दरस को व्याकुल है,
कब से मेरे नैन,
ओं कान्हा तेरे दर्शन को,
तरस गए मेरे नैना।।



सब को तूने पार लगाया,

मुझको क्यों ठुकराया,
तेरी दीवानी तुझसे पूछे,
मोहन तू क्यों ना आया,
अब तो ये सांसें तेरी ही,
माला जपती हैं दिन रेन,
ओं कान्हा तेरे दर्शन को,
तरस गए मेरे नैना।।



ओ कान्हा तेरे दर्शन को,

तरस गए मेरे नैना,
मैं हूँ जोगन तेरी कन्हाई,
अपना लो घनश्याम,
ओं कान्हा तेरे दर्शन को,
तरस गए मेरे नैना।।

Singer / Writer – Shweta Rawat


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