मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी भजन लिरिक्स

मेरी वृन्दावन ससुराल संभाल राणा तेरी नगरी भजन लिरिक्स

मेरी वृन्दावन ससुराल,
संभाल राणा तेरी नगरी।।


सुख वैभव तोहे मुबारक,
मेरे लिए है ये हानिकारक,
सुख वैभव तोहे मुबारक,
मेरे लिए है ये हानिकारक,
मूढ़ बसे तेरो घर बार,
संभाल राणा तेरी नगरी,
मेरी वृन्दावन ससुराल,
संभाल राणा तेरी नगरी।।


कृष्ण नाम अति मिठो लागे,
दुनिया को सुख फीको लागे,
कृष्ण नाम अति मिठो लागे,
दुनिया को सुख फीको लागे,
मोहे ना भावे संसार,
संभाल राणा तेरी नगरी,
म्हारो वृन्दावन ससुराल,
संभाल राणा तेरी नगरी।।


गढ़ चित्तोड़ छोड़के जाउंगी,
कुञ्ज गलिन में श्याम श्याम गाउंगी,
गढ़ चित्तोड़ छोड़के जाउंगी,
कुञ्ज गलिन में श्याम श्याम गाउंगी,
यहां भक्तन की भरमार,
संभाल राणा तेरी नगरी,
म्हारो वृन्दावन ससुराल,
संभाल राणा तेरी नगरी।।


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