मेरी अर्ज़ी करो मंज़ूर मेरे सांवरे प्यारे भजन लिरिक्स

मेरी अर्ज़ी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।

दोहा – खाटू नगरी में जो भी आये,
बिगड़ी तक़दीर संवर जाए,
मेरी अर्ज़ी सुनलो श्याम,
मेरी बिगड़ी बात बन जाए।

मेरी अर्ज़ी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे,
तेरे भंडारे भरपूर,
मेरे सांवरे प्यारे,
मेरी अरजी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।।

तर्ज – की दम दा भरोसा यार।



आस लेके जो भी तेरे,

दर पर है आ गया,
खुशियां जहान की वो,
तेरे दर से पा गया,
तुझे कहते लखदातार,
मेरे सांवरे प्यारे,
मेरी अरजी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।।



मेरा कोई नहीं है बाबा,

सब साथ छोड़ गए,
जाने कैसे ग़म से नाता,
मेरा बाबा जोड़ गए,
मेरा भी कर उद्धार,
मेरे सांवरे प्यारे,
मेरी अरजी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।।



मैंने सुना है तुम हो,

हारे के सहारे,
मेरी भी बिगड़ी बना दो,
कर दो वार न्यारे,
‘गीता’ रो रो करे पुकार,
मेरे सांवरे प्यारे,
मेरी अरजी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।।



मेरी अरजी करो मंज़ूर,

मेरे सांवरे प्यारे,
तेरे भंडारे भरपूर,
मेरे सांवरे प्यारे,
मेरी अरजी करो मंज़ूर,
मेरे सांवरे प्यारे।।

Singer – Geetanjali Sufiyana


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें