मेरा नील वरण सा श्याम,
बैठा मुस्काए,
ये बैठ जौराशि धाम,
बैठा मुस्काए।।
नील कमल सा बाबा,
नीले पे विराजे है,
आज जोरासी नगरी,
खाटू जैसी लागे है,
भक्ता का बनाए काम,
बैठा मुस्काए।।
नवग्रह देते पहरा,
बाएं भोले नाथ है,
अंजनी माँ को लाल म्हारे,
सांवरे के साथ है,
संग रहे सवेरे शाम,
बैठा मुस्काए।।
मोहन सागर थारे,
चरण पखारे है,
कमल पुजारी नित,
आरती उतारे है,
त्रिलोक जपे थारो नाम,
बैठा मुस्काए।।
मेरा नील वरण सा श्याम,
बैठा मुस्काए,
ये बैठ जौराशि धाम,
बैठा मुस्काए।।
Singer – Trilok Saini (baba triloki)
Lyrics – Mohan Sagar
7988271405
Music – Ashish Sharma Jaipur








