मेंहदीपुर में बालाजी अवतार दिखाई दे भजन लिरिक्स

मेंहदीपुर में बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे।।



पवन सुत हैं महाबलकारी,

पवन सुत हैं महाबलकारी,
जग में संकटमोचनहारी,
कलयुग में जन जन प,
घणा भार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे।।



सबकी बिगड़ी वो आप बणावः,

सबकी बिगड़ी वो आप बणावः,
राम ही राम राम जो गावः,
सीया राम तं युगांं युगां का,
प्यार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे।।



राम नाम की जपलो हे माला,

राम नाम की जपलो हे माला,
फेर सुणेगा हे अंजनी लाला,
सब भक्तां का घाटे में,
उधार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे।।



सबकी काटः यो रोग बिमारी,

सबकी काटः यो रोग बिमारी,
आस लगा री दुनिया सारी,
दीन दुखी और रोगी ने,
दरबार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे।।



अशोक तन्नै स ज्ञान भतेरा,

अशोक तन्नै स ज्ञान भतेरा,
ज्ञान बिना स यो घोर अंधेरा,
बालाजी मन्नै जग का,
पालन हार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे।।



मेंहदीपुर में बालाजी,

अवतार दिखाई दे,
दर दर भटकं लोग दुखी,
संसार दिखाई दे,
मेंहदीपुर मे बालाजी,
अवतार दिखाई दे।।

गायक – नरेन्द्र कौशिक।
भजन प्रेषक – राकेश कुमार जी,
खरक जाटान(रोहतक)
( 9992976579 )


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