मैं तो भूली रे सरवरीया वाली पाल गजरों लुम्बा रो लिरिक्स

मैं तो भूली रे सरवरीया वाली पाल,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



पहला रे जुगा मे गजरों प्रहलाद पोयो,

पहला रे जुगा मे गजरों प्रहलाद पोयो,
बांधीयो प्रहलादे री नार,
गजरों लुम्बा रो,
बांधीयो प्रहलादे री नार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



दुजा रे जुगा मे गजरों हरिश्चन्द्र पोयो,

दुजा रे जुगा मे गजरों हरिश्चन्द्र पोयो,
बांधीयो हरिश्चन्द्र री नार,
गजरों लुम्बा रो,
बांधीयो हरिश्चन्द्र री नार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



तीजा रे जुगा मे गजरों जेठल पोयो,

तीजा रे जुगा मे गजरों जेठल पोयो,
बांधीयो जेठल जी री नार,
गजरों लुम्बा रो,
बांधीयो जेठल जी री नार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



चौथा रे जुगा मे गजरों बलिचन्द्र पोयो,

चौथा रे जुगा मे गजरों बलिचन्द्र पोयो,
बांधीयो बलि चन्द्र री नार,
गजरों लुम्बा रो,
बांधीयो बलि चन्द्र री नार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



चार जुगों रा मंगल रूपादे जी गावे,

चार जुगों रा मंगल रूपादे जी गावे,
म्हारा साधुडो रो अमरापुर मे वास,
गजरों लुम्बा रो,
म्हारा साधुडो रो अमरापुर मे वास,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।



मैं तो भूली रे सरवरीया वाली पाल,

गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो,
इनमें मोती जडीया दोई दोई चार,
गजरों लुम्बा रो।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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