मैं तेरी हूँ घनश्याम मगर ना कह पाऊं भजन लिरिक्स

अपने दिल के अरमान,
मैं कैसे बतलाऊँ,
मैं तेरी हूँ घनश्याम,
मगर ना कह पाऊं,
गजेंद्र की पुकार पर,
दौड़ा चला आया,
दिल में मेरे जो दर्द था,
तू सुन नहीं पाया,
रख ले मेरा भी मान,
मैं कितनी हूँ परेशान,
मैं कैसे समझाऊं,
मैं तेरी हूं घनश्याम,
मगर ना कह पाऊं।।

तर्ज – मैं तेरा हो जाऊं।



तेरे बिन तड़पती हूँ,

कभी देख श्याम तू आकर,
मेरा कौन है दुनिया में,
मैं रोऊँ किसके आगे जाकर,
मैं लेकर तेरा नाम,
मैं लेकर तेरा नाम,
यहीं पर मर जाऊं,
मैं तेरी हूं घनश्याम,
मगर ना कह पाऊं।।



अपने दिल के अरमान,

मैं कैसे बतलाऊँ,
मैं तेरी हूँ घनश्याम,
मगर ना कह पाऊं,
गजेंद्र की पुकार पर,
दौड़ा चला आया,
दिल में मेरे जो दर्द था,
तू सुन नहीं पाया,
रख ले मेरा भी मान,
मैं कितनी हूँ परेशान,
मैं कैसे समझाऊं,
मैं तेरी हूं घनश्याम,
मगर ना कह पाऊं।।

Singer & Writer – Kewal Krishan


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