​मैं देखूँ जिस ओर सखी री सामने मेरे साँवरिया भजन लिरिक्स

​मैं देखूँ जिस ओर सखी री,
सामने मेरे साँवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया।।

तर्ज – ​मैं देखूँ जिस ओर सखी री।



श्याम मुझको जोगन बनाया,

जोगन बनाया,जोगन बनाया,
जहर का प्याला अमृत बनाया,
अमृत बनाया,प्याला अमृत बनाया,
प्रेम के रंग में डूब गया दिल,
प्रेम के रंग में डूब गया दिल,
जैसे जल में गागरिया,
जैसे जल में गागरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया।।



रो रो कर हर दुःख सहना है,

दुःख सहना है,दुःख सहना है,
दुःख सह सह कर चूप रहना है,
चूप रहना है, हमें चूप रहना है,
कैसे बताऊँ कैसे बिछड़ी,
कैसे बताऊँ कैसे बिछड़ी,
पिया के मुख से बाँसुरिया,
पिया के मुख से बाँसुरिया, 
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया।।



दुनिया कहती मुझको दीवानी,

मुझको दीवानी, मुझको दीवानी,
कोई ना जाणे दर्द कहानी,
दर्द कहानी, प्रेम कहानी,
कृष्णा कृष्णा रटते रटते,
मीरा हो गयी बाँवरिया,
मीरा हो गयी बाँवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया।।



​मैं देखूँ जिस ओर सखी री,

सामने मेरे साँवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया,
मै तो नाचूंगी सांवरिया।।


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