सावली सूरत लंबा केस रे,
खाटू का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
मोहनी मूरत रूप निराला,
तिरछी नजरिया केस घुंघराला,
नैना में नेह है विशेष,
खाटु का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
सिंहासन म्हारो श्याम बिराजे,
मोर मुकुट थारे शीश पे साजे,
मुखड़े रो तेज विशेष,
खाटु का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
मुरली अधर पर मधु मुस्कनिया,
लाज बचाई म्हारी तू ही सावरियां,
हारे को तू ही नरेश,
खाटु का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
देश विदेशों में थारी भक्ति,
देता रहीजो बाने शक्ति,
सुणज्यो म्हारी अर्जी विशेष,
खाटु का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
सावली सूरत लंबा केस रे,
खाटू का राजा,
आओ नि पधारे म्हारे देश।।
लेखन – डॉ. शर्मिला प्रकाश सोनी।
गायक – नवरत्न पारीक।








