नगर नगर से नर और नारी,
देने आए बधाई,
कौशल्या घर जन्मे श्री रघुराई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई,
झूम रहे है अवध के वासी,
बांट रहे है मिठाई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई।bd।
घर घर में फैला उजियारा,
महक उठा अवध ये सारा,
गूंज रही है चारों तरफ ही,
खुशियों की शहनाई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई।bd।
ढोल नगाड़े बाज रहे है,
ग्वाल बाल सब नाच रहे है,
दशरथ घर आनंद भयो है,
मिलकर गाओ बधाई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई।bd।
जब नारायण रूप में आए,
नर और नारी सब हरसाए,
अंबर से फूलों की वर्षा,
देवों ने कर डाली,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई।bd।
नगर नगर से नर और नारी,
देने आए बधाई,
कौशल्या घर जन्मे श्री रघुराई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई,
झूम रहे है अवध के वासी,
बांट रहे है मिठाई,
कौशल्या घर जन्में श्री रघुराई।bd।
Singer – Hari Om Tiwari Raghavcharnanuragi








