कठा सु आयो मोरियो रे,
कठा सु आयो हंस खेमाणा भैरु,
कठा सु आयो हंस।।
हे अरे बागा सु आयो मोरियो रे,
समंदा सु आयो हंस खेमाणा भैरु,
समंदा सु आयो हंस।।
हे अरे कई रंगत को मोरियो रे,
कई रंगत को हंस खेमाणा श्याम,
कई रंगत को हंस।।
हे अरे नीला पंखा को मोरियो रे,
धोला पंखा को हंस खेमाणा नाथ,
धोला पंखा को हंस।।
हे अरे कठे बैठेंलो मोरियो रे,
कठे बैठेंलो हंस हो खेमाणा भैरु,
कठे बैठेंलो हंस।।
हे अरे पाठ बैठेलो मोरियो रे,
गादी पे बैठेलो हंस खेमाणा भैरु,
गादी पे बैठेलो हंस।।
हे अरे कई पीवेलो मोरियो रे,
कई पीवेलो हंस खेमाणा भैरु,
कई पीवेलो हंस।।
हे अरे दुध पीवेला मोरियो रे,
नीर पीवेला हंस खेमाणा भैरु,
नीर पीवेला हंस।।
अरे कई बतावें मोरियो रे,
कई बतावें हंस खेमाणा श्याम,
कई बतावें हंस।।
हे अरे राय बतावें मोरियो रे,
गेला बतावें हंस खेमाणा श्याम,
गेला बतावें हंस।।
अरे कठा सु आयो देवरों रे,
कठे बिराज्या देव हो नारायण,
कठे बिराज्या देव।।
हे अरे वृंदावन सु आयो देवरों रे,
खेमाणा नगरी में आय हो नारायण,
खेमाणा नगरी में आय।।
हे अरे कई चुगेलो मोरियो रे,
कई चुगेलो हंस खेमाणा भैरु,
कई चुगेला हंस।।
हे अरे दाना चुगेलो मोरियो रे,
मोती चुगेलो हंस खेमाणा भैरु,
मोती चुगेलो हंस।।
खेमाणा का भैरु जी का चरणा माई,
रतन धनगर गाए हो भैरु जी,
लोकेश शरणा आए।।
कठा सु आयो मोरियो रे,
कठा सु आयो हंस खेमाणा भैरु,
कठा सु आयो हंस।।
गायक – रतन जी धनगर सालमपुरा।
प्रेषक – लोकेश गाडरी खेमाणा।
मो. – 7850970321








