कर दो नज़रे करम साँवरे भजन लिरिक्स

कर दो नज़रे करम साँवरे भजन लिरिक्स
कृष्ण भजन

साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रे करम साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।



मुझको दुनिया की दौलत नहीं चाहिए,

मुझको इज्जत हुकूमत नहीं चाहिए,
मेरे दिल में बसों साँवरे।
मेरे दिल में बसों साँवरे।
साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।



मैं तो आशिक़ तेरा हूँ दीवाना तेरा,

तेरे चरणों में अब है ठिकाना मेरा,
मैं तेरा तुम मेरे साँवरे,
मैं तेरा तुम मेरे साँवरे,
साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।



तेरे दर के सिवा फिर कहाँ जाऊं मैं,

तम ही बोलो की तुमको कहाँ पाऊँ मैं,
बोलो बोलो जरा साँवरे,
बोलो बोलो जरा साँवरे,
साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।



काली कमली के लाखों दीवाने हुए,

तिरछी नज़रो के आशिक पुराने हुए,
मैं बना बावरा साँवरे,
मैं बना बावरा साँवरे,
साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।



साँवरे साँवरे साँवरे,
कर दो नज़रे करम साँवरे,
कर दो नज़रें करम साँवरे।।

स्वर – धीरज बावरा जी।


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