प्रथम पेज कृष्ण भजन कण कण में वास है जिसका भजन लिरिक्स

कण कण में वास है जिसका भजन लिरिक्स

कण कण में वास है जिसका,
तिहुँ लोक में राज है उसका,
हारे का साथ निभाए,
प्रेमी को गले लगाए,
ऐसा तो हमारा बाबा है,
बाबा तो हमारा है।।

तर्ज – ये बंधन तो प्यार का



श्याम प्रभु को कोई,

अपना बनाकर देखे,
कितना प्यार लुटाता,
प्रेम बढाकर देखे,
मितो का मीत कन्हैया,
भक्तो का मान बढ़ैया,
हारे का साथ निभाए,
प्रेमी को गले लगाए,
ऐसा तो हमारा बाबा है,
बाबा तो हमारा है।।



श्याम प्रभु से कोई,

छुपे ना हाल हमारे,
कदम कदम पर देते,
बाबा सबको सहारे,
जब याद करूँ आ जाये,
कष्टों को दूर भगाये,
हारे का साथ निभाए,
प्रेमी को गले लगाए,
ऐसा तो हमारा बाबा है,
बाबा तो हमारा है।।



नंदू अपनी बीती,

सबको आज बताऊँ,
श्याम प्रभु के दम पर,
मैं तो बढ़ता जाऊँ,
बिगड़ी मेरी श्याम सुधारे,
इनसे ही वारे न्यारे,
हारे का साथ निभाए,
प्रेमी को गले लगाए,
ऐसा तो हमारा बाबा है,
बाबा तो हमारा है।।



कण कण में वास है जिसका,

तिहुँ लोक में राज है उसका,
हारे का साथ निभाए,
प्रेमी को गले लगाए,
ऐसा तो हमारा बाबा है,
बाबा तो हमारा है।।


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